रासायनिक अभिक्रियाएँ, बंध एवं नियम

रसायनिक अभिक्रिया 

"किसी भी पदार्थ की अवस्था में परिवर्तन होने को रासायनिक अभिक्रिया कहते है। " अथवा जब एक पदार्थ अकेले ही क्रिया करके एक या एक से अधिक पदार्थ बनाते है यह क्रिया रसायनिक अभिक्रिया कहलाती है। 

रासायनिक अभिक्रिया में जिस पदार्थ में रासायनिक परिवर्तन के परिणामस्वरूप बने नये पदार्थ को उत्पाद या क्रियाफल कहते है।  रासायनिक अभिक्रिया को रासायनिक समीकरण (Chemical Equation ) में व्यक्त किया जाता है।

उदाहरण :- CaCO3 CaO+CO2

रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार

अभिक्रिया की प्रकृति के आधार पर यह पाँच प्रकार की होती है -

(1) संश्लेषण या योगात्मक अभिक्रिया -

इस प्रकार की अभिक्रिया में अभिकारकों द्वारा आपस में सीधे संयोग से यौगिक का निर्माण होता है। 

 उदाहरण :-

  • (1) H2+Cl22HCl 
  • (2) N2+3H2 +Cl2 2NH3

विच्छेदन - 

वह अभिक्रिया जिसमे यौगिक के अणु विच्छेदित होकर अवयवी पदार्थो के रूप में अलग हो जाते है, विच्छेदन कहलाता है। 

उदाहरण :-

  • (1) 2HgOO 2
  • (2) CaCo3CaO+CO2

(3)प्रतिस्थापन अभिक्रिया (Substituon Reaction):-

वह अभिक्रिया जिसमे किसी यौगिक के एक तत्व या समूह का प्रतिस्थापन दूसरे तत्व या समूह द्वारा सम्पन्न होता है, प्रतिस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।

उदाहरण :-

  • CuSO4+Zn ZnSO4 +Cu
  • Na2SO4+Bacl2BaSO4+2Nacl

(4) विलोपन अभिक्रिया -

वह अभिक्रिया जिसमे कोई छोटा अवयव बड़े अणु से अलग हो जाता है, निराकरण या विलोपन अभिक्रिया कहलाती है।

उदाहरण :- C2H5OH C2H4+H2O 

(5)अवक्षेपण अभिक्रिया - 

विलयनों में जब दो अभिकारकों (reactants) के बीच अभिक्रिया इस प्रकार होती है की समूहों की अदला-बदली के फलस्वरूप एक अविलेय उत्पाद अवक्षेप के रूप में पृथक होता है, तो इसे अवक्षेपण अभिक्रिया कहते है। 

AgNO3+NaCl AgCl +NaNO3

रासायनिक सूत्र 

संकेतो का वह समूह जिसके द्वारा किसी तत्व या यौगिक की रचना व्यक्त की जाती है, रासायनिक सूत्र कहलाता है। 

रासायनिक सूत्र तीन प्रकार के होते है 

(1) मूलानुपाती सूत्र : किसी यौगिक में उपस्थित परमाणुओं की संख्याओं के सरल अनुपात को व्यक्त करने वाले सूत्र को उस यौगिक का मूलानुपाती सूत्र कहते है।  बेंजीन (C6H6)का मूलनुपाती सूत्र CH है। 

(2) अणु सूत्र - वह सूत्र जो एक अणु में उपस्थित परमाणुओं की वास्तविक संख्या को प्रदर्शित करता है, अणुसूत्र कहलाता है।  उदाहरण :बेंजीन का अणुसूत्र (C6H6) है। 

(3) संरचना सूत्र - यौगिक के अणु में उपस्थित परमाणुओं के मध्य में बंधन को प्रदर्शित करने वाला सूत्र, संरचना सूत्र कहलाता है। 

उदाहरण : इथाइल एल्कोहल (C2H5OH) का संरचना सूत्र है :

  • उत्प्रेरक ऐसा पदार्थ है, जो अभिक्रिया के वेग को क्या करता है ? - परिवर्तित करता है 
  • MgसेMg2+ का बनना कहलाता है - ऑक्सीकरण 
  • RDX का अन्य नाम है - साइक्लोनाइट 
  • दियासिलाई में किसका प्रयोग होता है ? - लाल फॉस्फोरस
  • अम्ल का नीले लिटमस पात्र पर क्या प्रभाव पड़ता है ? - लिटमस पत्र लाल होता है 
  • कपूर को शुद्ध किया जाता है - उर्धपात्न विधि द्वारा 
  • एक ग्राम वासा से कितनी ऊर्जा उत्पन्न होती है।? - 9.3 कैलोरी 
  • बर्तनो में कलाई के लिए उपयोग होता है - अमोनियम क्लोराइड 
  • पटाखो में हरा रंग होता है - बेरियम के कारण 
  •  पेन्सिल का सीसा बना होता है - ग्रेफाइट 

रासायनिक बंध 

परिभाषा : किसी अणु के परमाणुओं के बीच एक आकर्षण बल लगता है, जो इन परमाणुओं के बीच एक आकर्षण बल लगता है, जो इन परमाणुओं को एक साथ बांधकर रखता है।  यही आकर्षण बल रासायनिक बंध कहलाता है।

संयोजकता (Valency):- किसी तत्व की एक दूसरे तत्व से संयोग करने की क्षमता को संयोजकता कहते है।  यह सदैव धनात्मक होती है। 

उदाहरण : HCl में Cl की संयोजकता डी+1है, जबकि Cl की ऑक्सीकरण संख्या -1है। 

रासायनिक बंध के प्रकार - रासायनिक बंध तीन प्रकार के होते है -

(1) आयनिक या वैधुत संयोजक बंध -

जब एक परमाणु की बाह्यतम कक्षा से दूसरे परमाणु में इलेक्ट्रॉनों के पूर्ण स्थानांतरण के फलस्वरूप रासायनिक संयोग होता है, तो इसमें प्रदर्शित संयोजकता को वैधुत संयोजकता तथा निर्मित बंधन को वैधुत संयोजक बंधन कहते है।  यह धातु एवं अधातु के बीच होता है। 

उदाहरण - Na +Cl Na+Cl-

जब सोडियम का एक परमाणु क्लोरीन के एक परमाणु से संयोग करता है तो सोडियम परमाणु के अंतिम कक्ष का इलेक्ट्रॉन क्लोरीन के परमाणु स्थांतरित हो जाता है इस प्रकार सोडियम तथा क्लोरीन के परमाणु अष्टक पूरा करके स्थायी विन्यास प्राप्त करते है। 

वैधुत संयोजक यौगिकों के गुण -

(I) वैधुत संयोजक उच्च गलनांक व क्वथनांक वाले भंगुर ठोस होते है। 

(a) अधिकांश यह संयोजक यौगिक आद्यसूत्र अवस्था में गैस, द्रव या वाष्पशील ठोस होते है। 

(ब) ठोस अवस्था में कुचालक परन्तु द्रव अवस्था में ये सुचालक होते है। 

(2) सहसंयोजक बंध - 

 जब दो सदृश या असदृश परमाणु अपने बाह्यतम कक्ष के इलेक्ट्रॉनों का आपस में साझा करके संयोग करते है, तब उनके बीच स्थित बंधन को सहसंयोजक बंध कहते है, तथा इस प्रकार से निर्मित यौगिक सहसंयोजक यौगिक कहलाते है। यह बंध दो अधातुओ के बीच होता है। 

  • नाइट्रस ऑक्साइड को कहा जाता है - लाफिंग गैस 
  • क्विक सिल्वर किसे कहा जाता है ? - पारा (मर्करी)
  • काला सीसा के नाम से जाना जाता है - ग्रेफाइट 
  •  तेल से लगी आग बुझाने में कौनसा यंत्र प्रयुक्त होता है - झाग अग्निशामक 
  • ताजमहल पर किस गैस के प्रभाव के कारण उसआकाओ की चमक में कमी आ रही है ? - SO2
  • सामान्यतः भविष्य का ईंधन किसे कहा जाता है ? - हाइड्रोजन 
  • विरंजक चूर्ण है - CaOCl2
  • सामान्य फिटकरी का सूत्र है - K2SO4.Al(SO4)3.24H2O
  • बिना बुझा हुआ चुना है - CaO 
  • हॉर्न सिल्वर है - Agcl 
  • कौनसा खनिज 'बेबकूफो का सोना' कहा जाता है ? पायराइट 
  • जंग लगने पर लोहे का भार - बढ़ता है 
  •  शीतल पेय बनाने के लिए कौनसी गैस प्रयोग की जाती है ? - CO2 
  • रबड़ को कडा करने के लिए उसमें किस पदार्थ को मिलाया जाता है ? - सल्फर 
  • चूहों को मारने की दवा है - जिनक फॉस्फाइड 
  • भोपाल गैस दुर्घटना किस गैस के रिसाव के कारण हुई थी ? मिथाइल आइसो साइनेट 
  • गोबर पर उगने वाले कवको को क्या कहते है - कॉप्रोफिल्स कवक 
  • आसुत जल का pH मान कितना है - सात (7)
  • पेट्रोलियम कौनसी चट्टानों में पाया जाता है ? - अवसादी 
  • सोडियम क्लोराइड को कहा जाता है - टेबल सॉल्ट 
  • जंग  के लिए लोगे पर किसकी कली की जाती है है ? जस्ता 
  •  सबसे अधिक लगा पाया जाता है - पालक में 
  • अमलगम में रहता है - Hg 
  • वात्या भट्टी का प्रयोग होता है। - अपचयन के लिए 
  • सबसे हलकी गैस है - हीलियम 
  • कृत्रिम सुगंधित पदार्थ बनाने में प्रयोग किया जाता है - एथिल ऐसीटेट 
  • सूर्य में नाभिकीय ईंधन है - हाइड्रोजन 
  • मिथेन गैस का बादल किस ग्रह के चारो और छाया हुआ है ? - वरूण
  • सल्फर की अधिकतम सह-संयोजकता है - 6
  • महासागरों से शुद्ध जल किस विधि से प्राप्त किया जाता है ? - आसवन से 
  • चूने के जल में क्या होता है ? - कैल्सियम हाइड्रोऑक्साइड

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